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ओलिम्पिक खेलें - olympic games

ओलम्पिक खेलों का महत्व, उदेश्य, आदर्श, प्रतीक, झंडा, निशान एवं परुस्कार पर प्रकाश डालो ?


ओलम्पिक खेलों के महत्व

किसी भी देश ओर देशवासियों के लिए ओलिम्पिक बहुत अधिक महत्वपूर्ण है जिसका वर्णन निम्नलिखित है :-

1. ओलम्पिक खेलें अंतराष्ट्रीय भावना को जाग्रत करती है।
2. इन खेलों से राष्ट्र की प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है।
3. देश को नोजवानों तथा नावयुबतियो में राष्ट्रहित की भावना जागृत होती है।
4. ये खेलें शांति तथा न्याय को प्रोत्साहित करती है।
5. खेलों में भाग लेने से शारिरिक, मानसिक एवं भाबनात्मक बिकास होता है।
6. ओलम्पिक गतिविधियां अपनी प्रकृति से विशव में युद्ध का विरोध करती है।
7. आय तथा रोजगार के स्त्रोत के रूप में युवाओं को प्रोत्साहित करती है।


ओलम्पिक के उद्देश्य


1982 के ओलिंपिक चार्टर में ओलिंपिक के निम्न उदेश्यों का बर्णन किया गया है :-

1. खेल का आधार बनाने वाले शारीरिक तथा नैतिक गुणों का विकास करना।
2. युवाओं को खेल के माध्यम से शिक्षित करना, एक दूसरे के बीच अछि समझ तथा मैत्रीभाब पैदा करना ताकि एक शांतिपूर्ण बिशब की स्थापना हो सके।
3. ओलिंपिक सिंद्धान्तों को पूरे संसार मे फैलाना।
4. विशब के खिलाड़ियों को प्रत्येक चार बर्ष बाद ओलिंपिक खेलों के माध्यम से एक साथ लाना।



ओलिंपिक के आदर्श 


ओलिंपिक के आदर्श के जन्मदाता फ्रांस के फ़ादर डोडोंन है जो एक शिक्षाशास्त्री थे। ओलिंपिक का आदर्श तीन शब्दों से बना है - साटियस, अलटियस ओर फोर्टियास जिसका अर्थ है - तेज, ऊंचा तथा शक्तिशाली।


ओलिंपिक के प्रतीक 


प्रत्येक ओलम्पिक खेलों का अपना एक प्रतिक होता होता है। इस प्रतीक में ओलिम्पिक के छलों को एकीकृत किया जाता है प्रतीक को मंजूरी देना ioc (अंतराष्ट्रीय ओलिम्पिक समिति) की जिम्मेदारी है। इस प्रतीक का प्रयोग प्रयोजको द्वारा प्रचार सामग्री के रूप में किया जाता है। इन खेलों में भाग लेने वाले प्रत्येक प्रतियोगी की वर्दी पर ये प्रतीक लगाया जाता है।


ओलिम्पिक का झण्डा



बैरन D. के प्रेयत्नो से 1913 में ओलिम्पिक झण्डा बनाया गया तथा 1920 में एंटबर्प ओलिम्पिक खेलों में इसे फहराया गया। यह झंडा सफेद सिल्क कपड़े का बना हुआ है जिसमे पांच छल्ले लगे हुए है यह छल्ले लाल, पिले, हरे, नीले तथा काले रंग के है। यह सभो छल्ले आपस मे जुड़े हुए है जिसका अर्थ है मैत्री एवम सहयोग। ये पाँच छल्ले पाँच महाद्वीप के प्रतिनिधित्व करते है।



ओलिम्पिक मशाल


ओलिंपिक खेलों के दौरान ओलिम्पिक मशाल का प्रयोग ओलिम्पिक को प्रज्वलित करने के लिए किया जाता है। ओलिम्पिक मशाल को 1928 के ओलिम्पिक खेलों में सम्मिलित किया गया था। इस मशाल की खास बात ये है कि इसे ओलिंपिक खेलों से पूर्ब ही प्रज्वलित कर दिया जाता है ।

इस मशाल को यूनान के ओलम्पिया में जलाया जाता है तथा विमानों तथा समुंद्री जहाजो की मदद से से प्रयोजक देश तक पहुंचाया जाता है। मशाल के साथ को धावक स्टेडियम में प्रवेश करता है तथा ज्वाला को प्रज्वलित करता है यह गोपनीय रखा जाता है। ज्वाला के प्रज्वलित होते ही ओलिम्पिक खेले आरम्भ हो जाती है।


ओलिंपिक अवार्ड्स


ओलिंपिक अवार्ड्स की तीन श्रेणियां है :-

गोल्ड मैडल - प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले को गोल्ड मैडल दिया जाता है।
सिलबर मैडल - प्रथम रनर अप को सिलबर मैडल दिया जाता है।
ब्रोंज मैडल - दूसरे रनर अप को ब्रोंज मैडल दिया जाता है।

1896 में जब आधुनिक ओलिम्पिक खेलें हुई तो सफल प्रतियोगियों को पदक प्रदान किए जाते थे।
प्रतियोगियों को केवल पदक ही नही दिए जाते है बल्कि पहले आठ नम्बर पर आने वाले खिलाड़ियों को डिप्लोमा दिया जाता है तथा सभी मैडल विजेताओं का नाम मुख्य स्टेडियम में लिखा जाता है। इसके अतिरिक्त प्ररियोगिओं पार्टिसिपेशन मैडल तथा डिप्लोमा दिया जाता है ।


ओलिंपिक खेलों का उदघाटन समारोह


ओलिम्पिक खेलों के उदघाटन समारोह के कार्यक्रम को कुछ इस तरह से आरम्भ किया जाता है -:

● सर्वप्रथम ओलिम्पिक खेलों को अध्यक्ष का परिचय ioc के सदस्यों तथा राष्ट्रीय आयोजन समिति के सदस्यों से करवाया जाता है।
● इसके बाद अध्यक्ष महोदय को सम्मान के साथ मंच पर ले जाया जाता है।
● इसके बाद मेजबान देश का राष्ट्रीय गीत गाया जाता है।
● फिर प्रत्येक देश के खिलाड़ी अपने राष्ट्रीय दल के साथ एक तरह की ड्रैस पहने हुए, अपने देश का झंडा तथा देश का नाम लिखा बैनर लेकर मार्च पास्ट करते है
● मार्च पास्ट के दौरान यूनान का दल सबसे आगे तथा मेजबान दल सबसे पीछे रहता है।
● देश का शासनाध्यक्ष मार्च पास्ट की सलामी लेता है। प्रत्येक देश का दाल शासनाध्यक्ष के पास पहुंचकर उनके सम्मान में अपने देश का झंडा झुका लेते है तथा शासनाध्यक्ष से आगे जाने पर देश का झंडा उठा लेते है
● मार्च पास्ट के बाद सभी देशों के दल अपने झंडे तथा बैनर के साथ मंच के आगे खड़े हो जाते है।
● शासनाध्यक्ष परम्परागत वाक्य के द्वारा उद्धघाटन की घोषणा करता है " मै आधुनिक युग के ओलम्पियाड के ओलिम्पिक खेलो के उदघाटन की घोषणा करता हूँ।

उसके बाद ओलिम्पिक धुन के साथ ओलिम्पिक ध्वज को फहराया जाता है उसकी के साथ तीन तोपों की सलामी तथा कबूतरों को आसमान में उड़ाया जाता है तभी एक धावक ओलिम्पिक मशाल लेकर स्टेडियम में आता है और स्टेडियम का एक चक्कर काटकर ओलिम्पिक ज्वाला को प्रज्वलित करता है।

उसके बाद शपत समारोह होता है इसके पश्चात मेजबान देश का राष्ट्रीय गीत गाया जाता है उसके बाद सभी खिलाडी व अधिकारी मार्च करते हुए स्टेडियम से बाहर चले जाते है तथा इसी के साथ इन खेलों के आरम्भ होता है।



ओलिम्पिक खेलों का समापन समारोह


16 दिनों तक चले इन खेलों का समापन समारोह साधारण लेकिन बहुत ही प्रभाबशाली होता है। समान समारोह के समय सभी देश के खिलाड़ी मार्च करते हुए स्टेडियम के मध्य म एकत्र हो जाते है। इसके पश्चात तीन ध्वज फहराए जाते है -

1. पहले यूनान के ध्वज को यूनान के राष्ट्रीय गीत के साथ फहराया जाता है।
2. मेजबान देश का ध्वज उसके राष्ट्रीय गीत के साथ फहराया जाता है।
3. अगले ओलिंपिक खेलों के मेजबान देश का ध्वज उसके राष्ट्रीय गीत के साथ फहराया जाता है।


इसके पश्चात ioc (अंतराष्ट्रीय ओलिम्पिक समिति) का अध्यक्ष, आयोजकों को पेटी उभार प्रकट करता है तथा इन खेलों के समापन की घोषणा करता है। इसी के साथ ओलिम्पिक ध्वज को ओलिंपिक धुन के साथ उतार लिया जाता है। इसी के साथ ये खेल समाप्त कर दिए जाते है