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cyber insurance in Hindi - साइबर इंश्योरेंस की पूरी जानकारी

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cyber insurance in Hindi - साइबर इंश्योरेंस की पूरी जानकारी

cyber insurance in Hindi - साइबर इंश्योरेंस की पूरी जानकारी 


cyber insurance का नाम अपने शायद ही सुना या पढ़ा हो क्यूंकि इसके बारे में अभी कई सारे लोगो को जानकारी नहीं है क्यूंकि साइबर बीमा अभी फ़िलहाल में ही भारत में आया है इसलिए जायदा लोग इसके बारे में नहीं जानते है। लेकिन अगर आप उन लोगो में से है जो मेरी पिछली पोस्ट बीमा क्या है पढ़ कर आएं है तो शायद आप इसके बारे में थोड़ा बहुत जान गए होंगे लेकिन अगर आपको अभी तक नहीं पता की cyber insurance  क्या होता है तो घबराइए मत हम आपको इसकी पूरी जानकारी देंगे और वो भी बहुत गहराई के साथ। 



cyber insurance in Hindi - साइबर इंश्योरेंस की पूरी जानकारी
image by : pixabay 


साइबर बीमा क्या है?


आज के टाइम में इंटरनेट का सबसे जायदा प्रयोग हो रहा है यहाँ पर कुछ ऐसे लोग भी है जो इसका इस्तेमाल गलत कामों के लिए कर रहे है अगर साधारण शब्दों में कहूं तो कुछ लोग इसका प्रयोग हैकिंग के लिए भी कर रहे है अब कुछ हैकर्स इंटरनेट का प्रयोग अच्छे कामों के लिए कर रहे है और कुछ हैकर्स इंटरनेट का प्रयोग बुरे कामो के लिए कर रहे है।  जो हैकर्स इंटरनेट या हैकिंग का प्रयोग अच्छे कामो के लिए करते है उन्हें वाइट हैट हैकर कहा जाता है और जो हैकर्स इंटरनेट का प्रयोग बुरे कामो के लिए करते है उनको ब्लैक हैट हैकर कहा जाता है। ये सब जानकारी मैंने आपको इसलिए दी क्यूंकि आगे की पोस्ट में हम इन शब्दों का प्रयोग करने वाले है इसलिए हो सके तो इनको आप याद कर लें। 


जो ब्लैक हैट हैकर्स होते है वो लोगो के या कंपनियों के एकाउंट्स को अलग अलग तरीको से हैक करते है वैसे ये आसान काम तो नहीं है लेकिन वो अपनी स्किल, और एक्सपीरियन्स से ये काम कर लेते है और इन कंपनियों और लोगो को नुकसान पहुंचाते है या तो उनका डाटा चुरा लेते है या तो उनके बैंक एकाउंट्स आदि से पैसे निकाल लेते है। बैसे ये काम आसान तो नहीं है लेकिन ये हैकर्स गलत तकनीकों का प्रयोग करके ऐसा भी कर लेते है। 

तो अब जो नुकसान हुआ किसी आदमी या कम्पनी को तो उसकी भरपाई कौन करेगा ??? अब आपके मन में चल रहा होगा की कोई नहीं लेकिन जरा रुकिए अब मई आपको बताता हूँ की इस नुकसान की  भरपाई कौन करेगा। तो इस नुकसान की भरपाई हमारे द्वारा लिया हुआ साइबर बीमा (cyber insurance) करेगा लेकिन वो आपके उस पैसे का खर्चा तब देगा जब अपने साइबर बीमा लिया हो अन्यथा आपके पैसों या डेटा की भरपाई कोई नहीं करेगा। 


अगर अब मैं साधारण शब्दों में कहूं तो cyber insurance ऑनलाइन हैकिंग से होने वाले नुकसान से बचने के लिए की जाती है। cyber insurance आपको ऑनलाइन साइबर अटैक्स के कारण आए घाटे की भरपाई करता है लेकिन अब एक सवाल और है की अगर हमारा पैसा डूब गया तो उसका कुछ प्रतिशत तो हमे बीमा कम्पनी दे देगी लेकिन अगर हमारा डेटा चोरी हो गया या कंप्यूटर क्रैश हो गया तो उसकी भरपाई कोण करेगा??.


अगर आपका डाटा चोरी हो जाता है तो बीमा कम्पनी आपको उस डाटा को दोवारा लेन के लिए आए खर्च को देगी या डाटा चोरी होने से आपका जो नुकसान हुआ उसकी भरपाई करेगी। और अगर आपका कंप्यूटर या कोई गैजेट इसमें क्रैश होता है तो उसको बनाने का सारा खर्चा कम्पनी आपको देगी। लेकिन एक बात का ध्यान रखें की अपने जिस प्लान में cyber insurance करवाया है और जिस केटोगेरी में cyber insurance करवाया है आपको सुविधाएँ उसी से संबंधित दी जाएगी इसलिए साइबर बीमा लेते समय इस बात का जायदा ध्यान रखे की प्लान क्या है और केटोगेरी क्या है नहीं तो बाद में अगर आपका डाटा आपकी द्वारा चुनी गइ केटेगिरी से चोरी न होकर किसी दूसरी केटोगेरी से चोरी होता है तो कम्पनी आपको पैसे नहीं देगी बल्कि आपका पैसा बेकार चला जायेगा cyber insurance खरीदने का और साथ में आपका डाटा भी चोरी हो जायेगा। इसलिए इस बात का मुख्यता ध्यान रखें। 


साइबर बीमा का इतिहास 


अगर हम cyber insurance के इतिहास के बारे में बात करें तो इसका इतिहास काफी पुराना है इसका इतिहास इंटरनेट के विकास के समय से मिलता जुलता है इसका इतिहास 1980-90 के दशक का है जब बढ़ते इंटरनेट से हैकिंग भी काफी बढ़ रही थी ऐसे में कुछ कम्पनीज़ ने cyber insurance को शुरू करने का फैसला लिया। 

लेकिन शुरुआती सालों में cyber insurance अच्छी तरह से नहीं चल पाया क्यूंकि उस समय हैकिंग इतनी अधिक हो रही थी की cyber insurance देने वाली कम्पनीज़ को loss (घाटा) पड़ रहा था क्यूंकि हर महीने बहुत सरे साइबर अटैक्स हो रहे थे और कुछ एक अटैक्स जैसे y2k और 9/11 बहुत बड़े थे जिनमे हैकर्स ने काफी पैसा और डाटा चुरा लिया था इन कारणों से cyber insurance शुरुआती दशक में सफल नहीं हो स्का और साइबर बीमा खत्म हो गया। 

इसके बाद सन 2000 में इसका दूसरा युग आया जब लॉएड के लंदन के बाजार के लिए इसका दोवारा प्रयोग किया गया वहां के बड़े लोगो ने इसको दोवारा चालाने का फैसला लिया और इसके बाद cyber insurance ने काफी रफ्तार पकड़ी और इंटेरन के साथ साथ ये भी बढ़ने लगा। 

2002 में एक अनुमान लगाया गया था की 2005 में साइबर बीमा का बजट बाहत बढ़ जायेगा यानि cyber insurance की मांग बढ़ जाएगी और फिर वही हुआ 2005 में इसका बजट 2.5 बिलियन डॉलर हो गया और 2008 तक पहुँचते पहुँचते इसका बजट 2005 के बजट से पांच गुना हो चूका था और उसके बाद से लेकर आज तक  cyber insurance की मांग बढ़ती जा रही है और आने वाले समय में शायद ये दुनिआ के सबसे खरीदे जाने बीमा में पहले नंबर पर हो। 


क्या साइबर इंश्योरेंस की आज के समय में जरूरत है???



अब बात आती है की साइबर इंश्योरेंस की आज के समय में जरूरत है या नहीं अगर है तो क्यों है। और अगर नहीं है तो क्यों नहीं या है।  तो मेरा जवाव है कि आज के समय में साइबर इंश्योरेंस की बहुत जरूरत है - क्यों है इसका कारण निचे दिए गए कुछ पॉइंट्स है उन्हें ध्यान से पढ़ें -




  1. आज के टाइम में इंटरनेट का काफी इस्तेमाल लिया जाता है और ब्लैक हैट हैकर्स तो इंटरनेट का बहुत ही गलत कामों के लिए इस्तेमाल करते है इसलिए उनसे बचने के लिए या उनसे होने वाले नुकसान से बचने के लिए साइबर इंश्योरेंस  बहुत जरूरी है। 
  2. डार्क वेब के बढ़ते प्रचलन से इंटरनेट पर बहुत गलत काम किये जाने लगे है अब अगर आपको उनसे नुकसान हुआ तो साइबर इंश्योरेंस ही उस नुकसान को पूरा करेगा। 
  3. अपने मोबाइल, लैपटॉप,लैपटॉप, कंप्यूटर, को सुरक्षित रखने के लिए भी साइबर इंश्योरेंस की बहुत जायदा जरूरत है। 
  4. कंप्यूटर के जो सॉफ्टवेर अटैक के वक्त क्रैश होते है उनको फिर से खरदीने के लिए भी आपको साइबर इंश्योरेंस  की जरूरत है। 

जैसे की साइबर इंश्योरेंस एक्सपर्ट्स बोलते है कि साइबर इंश्योरेंस की जरूरत को बता पाना बहुत ही मुश्किल का काम है आज उनकी ये बात मुझे बहुत अच्छी लगी और बिलकुल सही भी लगी क्यूंकि मई भी साइबर इंश्योरेंस की जरूरत को नहीं बता पा रहा अगर साधारण शब्दों में कहूं तो अगर आप इंटरनेट पर अपने बैंक के पासवर्ड, अपने जरूरी डॉक्यूमेंट्स आदि को शेयर करते है तो फिर आपके लिए साइबर इंश्योरेंस बहुत जरूरी है लेकिन अगर आप सिर्फ यूट्यूब और सोशल मीडिया के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल करते है तो साइबर इंश्योरेंस आपके लिए उतना जायदा जरूरी नहीं है।  

ऑनलाइन शॉपिंग करने वालों के लिए भी साइबर इंश्योरेंस बहुत जरूरी है। क्यूंकि वो अपनी बैंक से संबंधित जानकरी शेयर करते रहते है या अलग अलग साइट्स पर अपना नंबर डालते रहते है तो उनमे से कुछ वेबसाइट उतनी सिक्योर नहीं होती की किसी हैकर से अपनी वेबसाइट को बचा सकें इसलिए ऑनलाइन शॉपिंग करते समय सिर्फ भरोसेमंद वेबसाइट से सामान खरीदे। और अगर हो सके तो साइबर इंश्योरेंस भी जरूर खरीद ले। 


साइबर इंश्योरेंस के प्रकार 


फर्स्ट पार्टी साइबर बीमा कवरेज के प्रकार 



अब हम बात करेंगे की आखिर साइबर इंश्योरेंस होता कितने प्रकार का है या साइबर इंश्योरेंस के अन्तर्गत कितनी छोटी केटोगेरी आती है जिन्हे आप इसके प्लान्स भी बोल सकते हो -


1. धोखाधड़ी और चोरी:

इस तरह की पॉलिसी का उपयोग उन लागतों का भुगतान करने के लिए किया जा सकता है जो चोरी, धोखाधड़ी या इन जैसे संबंधित मामले के कारण डेटा के चोरी होने से होती हैं। उनका इस्तेमाल उन जोखिमों को कवर करने के लिए भी किया जा सकता है जो पैसे को भेजने और बेईमानी के अन्य अपराधों में इन्वॉल्व हैं।


2. फोरेंसिक कार्य:


फॉरेंसिक जांच की कुछ लागतों को पूरा करने के लिए इस तरह की पॉलिसी का इस्तेमाल किया जा सकता है। पीठासीन अदालत (presiding court) के मानकों को पूरा करने के लिए जो भी तकनीकी और कानूनी सेवाएं आवश्यक हैं, उनके लिए वे भुगतान करते हैं। और ये लागत अभी तक संभावित (potential) हो सकती है क्योंकि वे एक साइबर हमले को रोकते हैं। यदि वे किसी  साइबर अटैक के दौरान होते हैं तो वे सहवर्ती (Concurrent) होते हैं। अगर हमले के बाद वे हुए तो वे भी पूर्वव्यापी (Retroactive) हो सकते हैं।



3. व्यावसायिक रुकावटें:


इस प्रकार की नीति के तहत, किसी घटना के बाद काम में आने वाली किसी रुकावट की लागत को काफी हद तक कवर किया जाता है। इनमें आय के नुकसान के साथ-साथ किसी भी अन्य बाद की लागत शामिल हो सकती है। मुख्य योग्यता मानदंड यह है कि पॉलिसीधारक साइबरबैट के कारण सामान्य व्यवसाय का संचालन करने में असमर्थ है।





4. कवर फॉर एक्सटॉर्शन एंड ब्लैकमेल:

साइबर अपराध के लिए सबसे आधुनिक तरीकों में से कुछ में पॉलिसीधारक को ब्लैकमेल के तहत फिरौती देने में शामिल किया गया है। कंपनी या वेबसाइट को और नुकसान से बचाने के लिए, पॉलिसीधारक फिरौती का भुगतान करने का विकल्प चुन सकता है। अन्य समय में, फिरौती का भुगतान अपराधियों के बारे में सबूत इकट्ठा करने में सहायता करता है।



5. डेटा और पुनर्स्थापना कार्य का नुकसान:

डेटा की हानि के साथ-साथ डेटा को वापस लाने के लिए कुछ रिस्टोर करने वाले सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जाता है बीमा कम्पनी उन सॉफ्टवेयर का खर्च देती है। और जिन लागतों का भुगतान किया जा सकता है, उनमें एक क्षतिग्रस्त कंप्यूटर की मरम्मत या उसके परिणामस्वरूप (resulting) प्रतिस्थापन (Replacement) शामिल है। पॉलिसी अन्य परिसंपत्तियों (Assets) को भी कवर कर सकती है जो घटनाओं से संबंधित हैं। इनमें हार्डवेयर और सॉफ़्टवेयर के साथ-साथ डेटा और जानकारी शामिल हो सकती है।



थर्ड पार्टी साइबर बीमा कवरेज के प्रकार 


1. मुकदमेबाजी कवरेज:

यह एक सेवा पैकेज है जो बैठक के दायित्वों की लागत पर ध्यान केंद्रित करता है जो अदालत के निर्णयों, मुकदमों, दंड, और जुर्माना से उत्पन्न होते हैं जो विशेष रूप से सूचीबद्ध घटना के संबंध में लगाए जाते हैं। इन सब में आए खर्चे को भी बीमा कम्पनी देती है। 


2. विनियामक कवरेज:

इस प्रकार का उत्पाद उन सभी फोरेंसिक और तकनीकी सेवाओं के लिए भुगतान करने में मददगार होगा जो सरकारी अनुरोध या आदेश का जवाब देते समय अनिवार्य हैं। यह एक साइबर हमले के बाद हो सकता है जहां सरकार बेहतर कारणों को समझना चाहती है या घटना को फिर से होने से रोकना चाहती है। यदि बीमा कंपनी को जांच के परिणाम के रूप में जुर्माना लगाया जाता है, तो पॉलिसी का भुगतान भी किया जा सकता है।


3. संचार और सूचनाएं:

यह पॉलिसी का प्रकार है जो सभी लागतों को कवर करेगा जो घटना के बारे में प्रासंगिक हितधारकों (Relevant stakeholders) को सूचित करने और घटना से निपटने के लिए प्रक्रियाओं से संबंधित हैं। हितधारकों में कर्मचारी, ग्राहक और यहां तक ​​कि व्यापक समुदाय शामिल हो सकते हैं।


4. संकट के उपाय और आपात स्थिति:

इस उत्पाद के तहत परिकल्पित (designed) कवरेज वह है जो किसी भी प्रकार की आपातकालीन या अप्रत्याशित (Unexpected)  घटना होने पर खेल में आती है, जिसके लिए एक असाधारण प्रतिक्रिया की आवश्यकता होती है। साइबर बीमा पॉलिसी उन सभी अतिरिक्त लागतों को कवर करेगी जिन्हें संकट से उबरने के लिए खर्च किया जाना है। इसमें घटना के बाद जनता के सदस्यों को चेतावनी के संकेत देना शामिल हो सकता है।


5. क्रेडिट निगरानी और समीक्षा:

यह एक पॉलिसी है जो पॉलिसी के मालिक को मुआवजा देगी यदि उन्हें क्रेडिट मॉनिटरिंग और समीक्षा के साथ-साथ किसी घटना के होने पर धोखाधड़ी-रोधी उपायों की समीक्षा करनी होगी। वे साइबर-ईवेंट के कारण किसी भी सेवा को मानक से ऊपर और ऊपर की पेशकश के लिए भी दावा कर सकते हैं।




6. मीडिया मुद्दों के लिए देयता:

यह एक पैकेज है जो उन खर्चों को कवर करेगा जो एक घटना के बाद मीडिया के जुड़ाव से संबंधित हैं। यदि कोई कॉपीराइट लंबित है और उसी का उल्लंघन होता है तो उसी श्रेणी का भी उपयोग किया जा सकता है या एक ऑनलाइन प्रकाशन से गंभीर बीमा लागत होती है जो आगे की देनदारियों से बचने के लिए पूरी होनी चाहिए


7. गोपनीयता और विश्वास के उल्लंघन के लिए देयता:

यह एक पॉलिसी विकल्प है जिसमें देयता शामिल होती है जो घटना के बाद ग्राहक की गोपनीयता भंग होने पर उत्पन्न हो सकती है। इस मामले में हैकर्स निजी बैंक खातों में जा रहे हैं या ऑनलाइन विवरण प्रकाशित कर रहे हैं।

ऊपर वर्णित प्रकारों को हमने cyberinsureone.com वेबसाइट से लिया है ज्यादा जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें 



साइबर इंश्योरेंस के फायदे क्या क्या है। 

साइबर बीमा के बहुत फायदे है खासकर उन लोगो के लिए जो ऑनलाइन अपने डॉक्यूमेंट सेव करते है या शेयर करते है साइबर बीमा मुख्यता कंपनियों के लिए चलाया गया प्लान था लेकिन बाद में इसकी जरूरत लोगो को भी महसूस हुई इसलिए इसे कुछ खास लोग इसका प्रयोग अपनी ऑनलाइन की जाने वाली गतिबिधियों की सुरक्षा के लिए भी करते है। 


 साइबर बीमा के बहुत सारे फायदे है जिनका बर्णन सिर्फ वही कम्पनी या लोग क्र सकते है जिन्होंने इसका प्रयोग किया है और उन्होंने अपने सकंट के समय में इसे साथ पाया है लेकिन फिर भी मैं आपको मोठे तौर पर इसकी जानकरी दे देता हूँ की साइबर बीमा लेने के आखिर फायदे क्या क्या है। 


1. रुकावट के दौरान आपकी आय की हानि को कवर करना 


यदि आपके व्यवसाय में साइबर क्राइम की वजह से रुकाबट आती है तो साइबर इंश्योरेंस देने वाली कम्पनी आपके उस घाटे को पूरा करने की कोशिश करती है जो आपको अपने व्यवसाय में उस अटैक की वजह से आई रुकावट से हुआ। 


2. ऑनलाइन ज़बरन वसूली 


अगर कोई आपसे ऑनलाइन अपनी साइबर तकनीकों का प्रयोग करके वसूली करता है तो ऐसे में उसकी भरपाई बीमा कम्पनी करती है या अगर आप उस पर कोई मुकदमा चलते हो तो मुकदमे का खर्च बीमा कम्पनी भी उठती है। पिछले कुछ सालो में ऐसे हमले ज्यादा ही हो रहे है। 

ऐसे हमलो में साइबर अटैक करने वाला किसी सॉफ्टवेयर की मदद से आपकी वेबसाइट में आ जाता है और जो पैसा लोग आपको देते है बो पैसा आपको जाता है तो  कम्पनी आपकी मदद करती है। ये साइबर बीमा का सबसे अच्छा फायदा है। 


3. डिजिटल संपत्ति प्रतिस्थापन खर्च



जब आपकी या आपके संगठन (कम्पनी) की डिजिटल संपत्ति साइबर अपराधी द्वाराचुरा ली जाती है, तो आपकी पॉलिसी लागतों को कवर कर सकती है। ये आपके द्वारा लिए गए प्लान पर निर्भर करता है। 




4. फोरेंसिक सहायता



साइबर बीमा लेने के बाद अगर आपके साथ किसी प्रकार की साइबर संबंधी घटना होती है तो बीमा कम्पनी द्वारा आपको 24/7 सहायता प्रदान की जाती है आप बिना किसी घटना के चाहें तो उनसे जानकारी ले सकते है। 




5. प्रतिष्ठा की क्षति।


आपकी नीति साइबर हमलों के लिए सीधे तौर पर खोए हुए लाभ को पुनः प्राप्त कर सकती है। और मुझे ये साइबर बीमा में सबसे अच्छी बात और पॉलिसी लगती है। 




6. कवरेज एक सामान्य देयता नीति से परे है


सामान्य देयता (Liability) नीतियां आम तौर पर किसी व्यवसाय की भौतिक संपत्ति (physical assets) को कवर करती हैं और साइबर से संबंधित नुकसानों को बाहर कर सकती हैं। हर दिन डेटा अधिक से अधिक मूल्यवान होने के साथ, आपके व्यवसाय के लिए सही कवरेज होना महत्वपूर्ण है। इसलिए  जरूर ले इसमें आपका और आपकी कम्पनी का ही फायदा है। 


ये कुछ साइबर बीमा के लाभ है जिनका फायदा आप इस बीमा को लेने के बाद उठा सकते हो। 



साइबर इंश्योरेंस के नुकसान क्या क्या है। 


जिस तरह से साइबर इंश्योरेंस के फायदे है उसी तरह से इसके कुछ नुकसान भी है ये नुकसान मैंने न कहीं पढ़े न सुने है लेकिन मुझे ऐसा लगता है की इसके एक दो नुकसान भी है और वो नुकसना है :


पहला नुकसान मैं मानता हूँ की अगर आप किसी सही प्लान को अपने व्यवसाय  मुताबिक नहीं चुनते तो इसमें आपको नुकसान झेलना पड़ता है वैसे तो इसमें गलती प्लान चुनने वाले की ही है लेकिन साइबर इंश्योरेंस में इतने प्लान्स है की इसमें ये चुनना मुश्किल है की कौन सा प्लान सही है और कौन सा प्लान सही नहीं है। 

दूसरा नुकसान ये मेरी दृष्टि से भारत में सिर्फ दो बीमा कम्पनियाँ ही इस तरह के बीमा को प्रोवाइड करवाती है जिससे इनका कॉस्ट इंडिया में थोड़ा जाएदा पद जाता है और बीमा लेने वाले का खर्चा जायदा आता है। 



मेरे हिसाब से इस बीमा को साधारण कम्पनीज़ और लोगो को नहीं लेना चाहिए क्यूंकि शायद ही कोई हैकर किसी छोटे वयवसाय वाले को वित्तीय नुकसान पहुंचाए क्यूंकि अगर उससे हैकिंग से गलत तरह से पैसा कमाना है तो वो हमेशा बड़ा हाथ मारने की सोचेगा सोचेगा क्यूंकि वो थोड़ा बहुत पैसा एक जॉब करके भी कमा सकता था लेकिन वो जाएदा पैसा कमाना चाहता है इसलिए वो गलत रस्ते पर चला है। इसलिए इस बीमा को थोड़ा सोच समझकर खरीदना चाहिए ताकि आपको भविष्य में इसका कुछ लाभ भी हो अन्यथा इसको व्यवसाय बड़ा होने पर खरीदना चाहिए। 



साइबर बीमा लेने के बाद और पहले किन किन चीजों का ध्यान रखना चाहिए 

साइबर बीमा लेने के बाद या तो लेने से पहले आपको कुछ चीजों का ध्यान रखना चाहिए और अगर आप साइबर बीमा न भी लेना चाहें तो भी आप इन बातों का ध्यान रखे क्यूंकि इससे आपके ऑनलाइन हैकिंग से बचने के जायदा चांस हो जायेंगे :

  • सिर्फ उन्ही वेबसइट से शॉपिंग करें जिन पर आपको पूर्ण विश्वास हो। 
  • ऑनलाइन बिना मतलब के अपनी निजी जानकारी किसी से शेयर न करे खासकर अपने बैंक अकाउंट की जानकरी। 
  • अगर आपको डिवाइस में कुछ गड़बड़ लगे तो उसको रेस्ट करले या किसी साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट से दिखाएं।
  • किसी अनजान व्यक्ति से बिना मतलब के अपनी निजी जानकरी शेयर न करें।
  • अगर आपको किसी सोशल मीडिया साइट के लॉगिंग पेज की तरह शामे लॉगिन पेज दीखता है तो लॉगिन करने से पहले थोड़ी सावधानी वर्ते। 
  • ऑटो लइकेर जैसे सॉफ्टवेयर और एप्प्स का इस्तेमाल न करें न करें। 
  • डार्क वेब को कभी भी न चलाये क्यूंकि ये आपकी सोच से जायदा खतरनाक है। 


निष्कर्ष : 

तो वस अब साइबर इंश्योरेंस के बारे में इससे जायदा जानकारी न मेरे पास है न ही किसी वेबसाइट पर इसलिए अब मई यहीं इस पोस्ट को समाप्त करना चाहता हूँ लेकिन आपको बता दूँ की इस पोस्ट में मैंने आपको जो भी जानकरी दी है वो सारी सही हो सकती है लेकिन उसमे शायद पांच से छः प्रतिशत गलत जानकरी भी हो सकती है क्यूंकि इंटरनेट पर साइबर इंश्योरेंस से संबंधित बहुत कम लेख है और हिंदी में तो सिर्फ दो से तीन लेख है। 

लेकिन घबराने की कोई जरूरत नहीं मैंने आपको सारी सही जानकरी दी है क्यूंकि मैंने ये जानकारी अलग अलग साइट्स से इक्क्ठी की है और अगर आपको इस लेख में कोई भी गलत चीज़ लगे तो कमेंट में जरूर बताएं क्यूंकि मुझे इस लेख में कोई गलत बात नहीं दिख रही इसलिए अगर आपको दिखे तो बता दें इससे हमारी पोस्ट और अच्छी और ज्ञान देने वल्कि हो जाएगी और अन्य लोगो की भी मदद हो जाएगी। 

अगर आपको ये पोस्ट अच्छी लगी है तो इसे व्हाट्सप्प पर जरूर शेयर करें ताकि इसकी अधिक से अधिक जानकारी आपके दोस्तों को भी मिल सकें और अगर आपको इस साइबर इंश्योरेंस से संबंधित कोई भी सवाल पूछना हो तो कमेंट जरूर करें हम आपका रिप्लाई बहुत जल्दी कर देंगे। 

पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए शुक्रिया।