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types of digital marketing in hindi - डिजिटल मार्केटिंग के प्रकार

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types of digital marketing in hindi - डिजिटल मार्केटिंग के प्रकार 



हमारे डिजिटल मार्केटिंग के कोर्स का ये तीसरा lesson है इसमें हम बात करेंगे की डिजिटल मार्केटिंग कितने प्रकार की होती है।  इससे पहले मैं आपको एक बात बोलना चाहूंगा की अगर आपने हमारे इस कोर्स के पिछले दो lesson नहीं पढ़े तो कृपया पढ़ लें।

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types of digital marketing in hindi



digital marketing  के प्रकार




  1. SEO
  2. SEM
  3. SMM
  4. CONTENT MARKETING
  5. AFFILIATE MARKETING 
  6. EMAIL MARKETING 
  7. ONLINE ADVERTISING

डिजिटल मार्केटिंग के सिर्फ 7 प्रकार नहीं है इससे भी कहीं जायदा है लेकिन हम सिर्फ 7 प्रकार की डिजिटल मार्केटिंग की बात करेंगे क्यूंकि यह मुख्य प्रकार है डिजिटल मार्केटिंग के। 


1. SEO



SEO  (search engien optimaization) का अर्थ है की अपनी वेबसाइट के किसी आर्टिकल या किसी प्रोडक्ट को बिना किसी पोर्मोशन के गूगल पर सबसे पहले नंबर रैंक करना।  जब हम कुछ सर्च करते है तो सर्च इंजन पर हमें दो तरह के रिजल्ट शो होते है।

1. पहले हमें ऐसे प्रोडक्ट show होते है जिनकी गूगल के द्वारा advertising की गयी होती है।  जब कोई बंदा उस प्रोडक्ट या पोस्ट से related कोई कीवर्ड सर्च करता है तो ये ऐड सबसे ऊपर या सबसे निचे शो हो जाती है। जिस व्यक्ति ने ये ऐड गूगल के द्वारा लगवाई है वो इसके बदले गूगल को पैसे देता है।  खैर इसकी जायदा जानकारी आपको आने वाले पोस्ट्स में दी जाएगी।

2. गूगल में जो दुसरे रिजल्ट शो होते है वो किसी ऐसी वेबसाइट के होते है जिसने SEO  के द्वारा गूगल में टॉप रैंकिंग हासिल की होती है यह वेबसाइट अपने टॉप रिजल्ट के लिए गूगल को पैसे नहीं देता क्यूंकि ब्लॉग का पूर्ण रूप से SEO  किया होता है।

SEO  का मतलब होता है की अपनी वेबसाइट को ऐसे तैयार करना जैसा की गूगल चहाता है। गूगल आपकी वेबसाइट में कुछ ऐसी चीजे मांगता है जिनसे आपकी वेबसाइट सबसे अलग और गूगल के नियमों को मानने  वाली होनी चाहिए। जब आप ये सब करते है तो ये SEO ही कहलाता है।

SEO मुख्यता दो प्रकार का होता है


  1. ऑन पेज SEO  
  2. ऑफ पेज SEO  

ऑन पेज SEO  :- ऑन पेज SEO  में आपकी अंदर की वेबसाइट आती है है मतलब की कुछ ऐसी चीजे जो आपकी वेबसाइट के अंदर ठीक होनी चाहिए इससे आपकी वेबसाइट का ऑन पेज SEO होगा।  वो क्या क्या चीज़े है जो आपकी वेबसाइट के ऑन पेज SEO के लिए जरूरी होनी चाहिए -

  1. सबसे पहले आपकी वेबसाइट की स्पीड बहुत अच्छी होनी चाइये मतलब की कमसे कम 5 से 6 सेकण्ड्स में आपकी वेबसाइट फुल लोड हो जनि चाहिए। 
  2. आपकी वेबसाइट का डिजाइन सुंदर और सरल होना चाहिए ताकि आपकी वेबसाइट पर आने वाले लोग आपकी वेबसाइट को अच्छी तरह से समझ सकें और चला सकें। 
  3. आपकी वेबसाइट का मेटा टैग्स ऐड किया होना चाहिए। 
  4. आपकी वेबसाइट के पोस्ट का टाइटल अच्छा और मुख्य कीवर्ड को पकड़ता हुआ होना चाहिए। 
  5. जब आप अपनी किसी पोस्ट में इमेज का प्रयोग करें तो उसमे alt टैग का इस्तेमाल किया होना चाहिए। 
  6. पोस्ट के यूआरएल में मुख्य कीवर्ड का इस्तेमाल जरूर करें। 
  7. एक पोस्ट से दूसरी पोस्ट पर जाने वाले लिंक्स जरूर ऐड करें।
  8. पोस्ट लम्बी और सरल भाषा में लिखे जिससे पोस्ट पढ़ने वाले को आसानी हो। 
  9. पोस्ट में हैडिंग वैगारा का भी ध्यान रखें। 

तो ये सब चीजे आती है हमारी ऑन पेज SEO  में आशा है की आप इसे अच्छी तरह से समझ गए होंगे अगर नहीं समझे तो आप अधिक जानकारी के लिए पोस्ट पढ़ सकते है।  SEO  क्या है .



ऑफ पेज SEO -: अब हम बात करते है ऑफ पेज SEO के बारे में।  तो आज के समय में ऑफ पेज SEO की उतनी जायदा value नहीं रही है क्यूंकि अब इसके अंदर आने वाली चीज़ो को गूगल जायदा सपोर्ट नहीं करता है लेकिन फिर भी हम इसका प्रयोग करते है क्यूंकि इससे हमे ही फायदा होता है तो इसके अंदर निम्लिखित कुछ चीज़े आती है -

  1. दूसरी वेबसाइट से अपनी वेबसाइट पर ट्रैफिक लाना अगर साधारण शब्दों में कहूं तो बैकलिंक बनाना अगर आप backlink के बारे में नहीं जानते तो हमारी ये पोस्ट पढ़े।  backlink क्या होते होते है और कैसे बनाएं। 
  2. सभी सर्च इंजन्स में अपनी वेबसाइट को डालना। 
  3. सोशल मीडिया पर अपनी वेबसाइट को शेयर करना और वहां से अपनी वेबसाइट पर ट्रैफिक बढ़ाना। 
  4. दूसरे ब्लोग्स पर कमैंट्स करना और वह से बैकलिंक लेना। 
  5. प्रश्न उत्तर वाली वेबसाइट को ज्वाइन करके लोगो के सवालों के जवाव देना और वहां से अपनी साइट पर ट्रैफिक लाना इत्यादि। 
तो ये सब चीज़े आती है ऑफ पेज SEO के अंदर अगर आपको भी रक् भी इसके बारे में जायदा जानकरी  चाहिए तो यहाँ पर क्लिक करें।




2. SEM



SEM का मतलब है search engine marketing. साधारणतः इसमे पैसे देकर गूगल से मार्केटिंग करवाई जाती है। जैसा कि मैंने आपको ऊपर बताया कि SEO के द्वारा आप अपने ब्लॉग पोस्ट को टॉप रैंक पर ला सकते हो।

लेकिन इसके विपरीत आप गूगल से मार्केटिंग करके अपने पोस्ट को टॉप rank पर ला सकते हो। इसमे आप पहले गूगल पर add लगते हो और उस add के लिए आप गूगल को पैसे देते हो।

अब आप ऐड बनाते समय जो keyword set करते हो वो कीवर्ड जब कोई गूगल पर सर्च करता है तो गूगल आपकी पोस्ट को सबसे ऊपर या नीचे दिखाता है।

लेकिन ऐड पर लोगो के देखने की संख्या अधिक और क्लिक कम आते है क्योंकि लोग ऐड से ज्यादा उस content को महत्व देते है जो बिना किसी add के rank हुआ होता है।

गूगल पर आप कैसे ऐड लगा सकते हो ये आपको आने वाले पोस्ट में बताया जाएगा । आशा है कि आप ये तो जान गए होंगे कि SEM किया होती है । इसका सीधा सा मतलब है कि search engines के माध्यम से अपने brand की marketing करना ।


3. SMM


SMM का पूरा नाम है social media marketing. अब शायद आप इसके नाम से जान गए होंगे कि इसका क्या मतलब है अगर नही समझे तो हम बता देते है ।

SMM  का मतलब है कि अपने product को सोशल मीडिया के माध्यम से बेचना या अपने प्रोडक्ट की सोशल मीडिया के माध्यम से मार्केटिंग करना।

SMM में आपको बहुत सारे ऑप्शन मिल जाते है अपने प्रोडक्ट की मार्केटिंग करने के जैसे आप अपने प्रोडक्ट की मार्केटिंग वीडियो, आर्टिकल, फ़ोटो, लिंक इत्यादि किसी भी माध्यम से कर सकते हो ये सब चीजें आपको SEM में भी देखने को मिलती है ।

इसमे सबसे खास बात ये है कि आप किसी खास जगह को भी टारगेट कर सकते है जैसे मुझे अपना प्रोडक्ट सिर्फ हिमाचल में बेचना है तो मैं अपने उस प्रोडक्ट की ऐड सिर्फ हिमाचल के लोगो को दिखाऊंगा ।

और एक बात अगर मैं चाहूँ तो अपने ऐड सिर्फ उन लोगो को show करवा सकता हूँ जो उस प्रोडक्ट को या उस ऐड को देखने मे intrested है । अन्यथा ये ऐड हर किसी को दिखाई नही देगा।

अलग अलग सोशल मीडिया साइट्स अलग अलग तरह से एड्स को अपनी साइट पर show करती है। ये उनके ऐड टाइप पर निर्भर करता है कि उन्होंने किन किन तरीको से ऐड show करने के माध्यमों को चुना है।

आशा है कि आप SMM के बारे में जान गए होंगे कि ये क्या होता है। आने वाले पोस्ट में हम SMM पर लाइव पोस्ट लिख कर देंगे जिससे आप भी SMM कर सकें।



4. CONTENT MARKETING



डिजिटल मार्केटिंग में CONTENT MARKETING मेरा सबसे पसंदीदा हिस्सा है. CONTENT MARKETING में आपको एक पोस्ट लिखनी होती है जैसे की मैंने ये वाली पोस्ट लिखी ही जिससे आप पढ़ रहे हो. पोस्ट लिखने के बाद उसका seo करना पड़ता है।

और उसके बाद अगर आपने अपने कंटेंट को सही रूप से और अच्छी तरह से तैयार किया है तो आपका  वो कंटेंट टॉप रैंकिंग पर जा सकता है और आप उसे बिना किसी खर्चे के टॉप पेज में ला सकते हो.

अगर अभी भी मेरी बात समझ नहीं आयी तो चलिए अब विस्तार से इस टॉपिक पर बार्तालाप करते है-:


मान लीजिये मेरी एक वेबसाइट है जिस पर मैं शूज़ बेचता हूँ तो अब मेरे पास इतने पैसे तो नहीं है की मैं उनकीं पैसे देकर मार्केटिंग कर सकूँ तो अब मुझे उन शूज़ को बेचना है बिना किसी इन्वेस्ट के तो अब यहाँ दो चीजों की सख्त जरूरत होती है SEO + CONTENT MARKETING. आप इन दोनों की मदद से अपनी सेल्स बढ़ा सकते हो। आपके मन में एक सवाल आ रहा होगा की वो कैसे तो थोड़ा धैर्य रखिये आगे आपको सब पता चल जायेगा।


मान लीजिये मेरा एक टारगेट है की मुझे हर दिन कम से कम 5 जोड़े शूज़ सेल करने है और महीने में 150 जोड़े शूज़ बेचने है. एक कीवर्ड है best shoose for winter, इस कीवर्ड को हर दिन एक हजार लोग गूगल पर डार्क करते है और अब हम कुछ ऐसा करेंगे की उन 1 सर्च में से 800 लोग हमारी वेबसाइट पर आएं।

अब यहाँ पर हमारे काम आता है seo + CONTENT MARKETING का फार्मूला।  अब हमे इस कीवर्ड पर रिसर्च करनी है और अपने कॉम्पिटिटर की सारी जानकरी लेनी है की उसने पोस्ट कैसे लिखी है, कितने शब्दों की है seo कैसे किया हुआ है।

बैकलिंक कितने है उस पोस्ट पर। कितने टाइम पुरानी है इत्यादि आपको अपने कम्पीटीटर के बारे में जानना है। अब आपको अपने कम्पीटीटर से जायदा हर बात करनी है और एक बहुत ही बढ़िया पोस्ट करनी है और उसका टाइटल भी बहुत अच्छा देना है और उस टाइटल में अपने में कीवर्ड को भी टारगेट करना है।

तो आपका टाइटल कुछ इस तरह हो सकता है,  winter shoes - this 30 shoes are best for winter आपको कुछ इस तरह से अपना टाइटल देना है बाकि आपको अपनी पोस्ट का फुल ऑन पेज seo करना है और बैकलिंक भी बना लेने है।  अगर साधारण शब्दों में कहूं तो अपनी पोस्ट को अपने कम्पीटीटर की पोस्ट से 5 गुना अच्छा बनाना है और एक बात का ध्यान रखना है कि पोस्ट सिर्फ सर्च इंजन क लिए न लिखें।

की बस सर्च इंजन में रैंक हो जाये ऐसा कभी मत कीजियेगा क्यूंकि ऐसा करने से आपकी पोस्ट तो टॉप रैंक पर आ सकती है लेकिन उसका फायदा नहीं होने वाला क्यूंकि आपने वो पोस्ट सर्च इंजन के लिए लिखी है न की यूजर क लिए तो कहने का मतलब है की 40% पोस्ट सर्च इंजन और 60% पोस्ट रीडर के लिए लिखें।

तो अब हम मान कर चलते है की कुछ ही दिनों में हमारी पोस्ट आठवें नंबर पर रैंक हो गयी है।  लेकिन हमे तो नंबर 1 पर रैंक करवानी है तो अब आपको करना ये है की अपनी उस पोस्ट में कुछ और इम्प्रूव्मेंट्स करने है जैसे कंटेंट की लैंथ बढ़ा देना आदि।

इस तरह से हम अपने पोस्ट को टॉप रैंक पर ला सकते है बस सही से seo करने की जरूरत होती है। तो अब अगर हर दिन 600 विसिटोर्स भी हमारे पोस्ट को पढ़ते है तो उसमे से 5 लोग तो ऐसे होंगे जो जो उन शूज को buy कर ही लेंगे शायद इससे जायदा लोग खरीद सकते है।


अब अगर मई साधारण शब्दों में कहूं तो अपने किसी प्रोडक्ट को कंटेंट के माध्यम से सेल्ल करवाना ही CONTENT MARKETING है।  इसमें आप जायदा कुछ नहीं करते बीएस प्रोडक्ट के बारे डिटेल में जानकरी देते हो और आपकी कंटेंट मार्केटिंग हो जाती है।

मान लीजिये मेरा एक डिजिटल मार्केटिंग का कोर्स है और मई एक पोस्ट के माध्यम से लोगो को उसकी जानकारी देता हूँ और लोग मेरी उस पोस्ट के माध्यम से उस कोर्स को खरीदते है तो ये मैंने उस कोर्स की CONTENT MARKETING की।

आशा करता हूँ की आप अच्छी तरह से समझ गए होंगे की CONTENT MARKETING किया होती है और कैसे की जाती है।


5. AFFILIATE MARKETING


AFFILIATE MARKETING  के बारे में शायद आपने पहले से ही सुना होगा की ये क्या होती है अगर नहीं सुना तो हम आपको इसको समझा देते है।

amazon जैसी बड़ी कम्पनी AFFILIATE प्रोग्राम प्रोवाइड करती है इसमें सबसे पहले हमे एक AFFILIATE MARKETING वाला अकाउंट बनाना होता है उसके बाद ये कम्पनी हमे हर प्रोडक्ट का एक अलग लिंक देती है जिसमे हमारी एक अलग id दी गयी होती है।


तो जब कोई हमारे उस अलग लिंक से कोई चीज़ खरीदता है तो बदले में ये कम्पनी हमें उसका कमीशन देती है मन लीजिये हमारे एक लिंक से किसी ने 10 हजार का फ़ोन खरीदा तो अब हमें ये कम्पनी उसका 2% देती है तो अब हम उस एक सेल्ल से 200 कमा सकते है।

अगर सिंपल वर्ड्स में बोलू तो किसी कम्पनी के प्रोडक्ट को अपनी अलग आई डी के माध्यम से बेचना ही AFFILIATE MARKETING कहलाता है। निचे दिया गया बैनर भी मेरी एफिलिएट आई डी से जुड़ा है जब कोई बंदा यहाँ से होस्टिंग लेगा तो बदले में मुझे पैसे मिलेंगे।





AFFILIATE MARKETING के लिए भी SEO + CONTENT मार्केटिंग का प्रयोग किया जाता है।



6. EMAIL MARKETING 



EMAIL MARKETING में पहले लोगो के ईमेल इक्कठे किए जाते है जैसे कोई कोर्स फ्री में देना और साथ में ईमेल भी ले लेना आदि तरीको से पहले इमेल्स इक्क्ठे किये जाते है और बाद में उन ईमेल पर अपनी कोई नयी पोस्ट भेज दी जाती है या कोई नयी सर्विस की जानकारी दी जाती है।

इस तरिके से अपने affilate प्रॉडक्ट को भी पोरमोटे किया जाता है अपने जो कंटेंट लिखा है उसे भी जायदा से जायदा लोगो तक पहुंचाया जाता है और एक बात अगर आप अपने पोस्ट का seo भी नहीं करते तो आपकी पोस्ट को जायदा लोग पढ़ लेते है।

ईमेल इक्क्ठे करने के कई सरे तरीके हो सकते है जैसे कोई कोर्स देना और  बोलना की आप अपना ईमेल दीजिये हम आपको कोर्स आपके ईमेल पर भेज देंगे या इसके अलावा कई सरे तरीके हो सकते है जिनकी मदद से आप लोगो के ईमेल इक्क्ठे क्र सकते हो।  और बाद में EMAIL MARKETING की मदद से पैसे कमा सकते हो। लेकिन उससे पहले ईमेल इक्क्ठे करने के लिए आपको बहुत जायदा मेहनत करनी होगी।


7. ONLINE ADVERTISING 




ONLINE ADVERTISING के टॉपिक को मैं जायदा लम्बा नहीं खींचना चाहूंगा क्यूंकि ये बहुत ही आसान है और इसे समझने से आसान इसे करना है।

जब हम अपने प्रोडक्ट की ऑनलाइन ऐड लगवाते है तो वह ONLINE ADVERTISING कहलाती है।  मान लीजिये आप अपने वेबसाइट पर फैशन से संबंधित आर्टिक्ल लिखते है और मुझे अब अपने शूज की आपके वेबसाइट पर ऐड लगानी ताकि जायदा लोग मेरे उन शूज को खरीद सकें। तो जब मई आपके वेबसाइट पर अपने शूज की ऐड लगाऊंगा तो ये ONLINE ADVERTISING के अंतरगर्त आती है।

सोशल मीडिया मार्केटिंग और सर्च इंजन मार्केटिंग भी इसी का एक पार्ट समझा जा सकता है क्यूंकि वो भी ऐड के द्वारा ही की जाती है।

example of advertising



आज के लिए बस इतना ही पोस्ट कैसी लगी जरूर बताएं और अगर आपका अभी कोई इस टॉपिक से रिलेटेड सवाल हो तो आप हमसे पूछ सकते है हम आपके सवाल का जवाव जरूर देंगे।  पोस्ट को शेयर भी जरूर करें ताकि जायदा से जायदा लोगो तक ये जानकरी पहुंच सकें।  धन्यवाद।